बिहार में 1 लाख 38 हजार शिक्षको की नियुक्ति ​

बिहार में 1 लाख 38 हजार शिक्षको की नियुक्ति


वर्ष 2012 में प्रारंभिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) और माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी) उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बड़ी राहत दी है। इनके प्रमाणपत्रों की वैधता दो साल के लिए उन्होंने बढ़ा दी है। वर्ष 2012 में इन अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्र मिले थे। टीईटी प्रमाणपत्र की वैधता इस वर्ष मई में समाप्त हो गई थी। वहीं, एसटीईटी प्रमाणपत्र की वैधता इसी माह समाप्त हो रही थी। अब इन दोनों प्रमाणपत्रों की वैधता क्रमश: मई और जून 2021 तक के लिए हो गई है।

शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने एक जून को समीक्षा बैठक की थी, जिसमें उक्त विषय पर चर्चा हुई थी। मुख्यमंत्री ने बुधवार को फिर इस विषय पर पदाधिकारियों के साथ चर्चा की। इसके बाद प्रमाणपत्र की वैधता बढ़ाने का निर्णय उन्होंने लिया। वर्ष 2012 में टीईटी के उत्तीर्ण 65 हजार 984 और एसटीईटी उत्तीर्ण 16 हजार 196 यानी कुल 82 हजार 180 अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिनका नियोजन अभी तक नहीं हो पाया है। इनमें प्रशिक्षित और अप्रशिक्षित दोनों तरह के अभ्यर्थी हैं। पुराने नियम के अनुसार इनकी अर्हता समाप्त हो गई थी, पर अब अगले दो वर्षों तक ये नियुक्ति प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे। नियुक्ति के लिए अगले माह कार्यक्रम जारी किया जाएगा। दो से तीन महीने के अंदर नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। पुराने नियम के अनुसार ही विभिन्न नियोजन इकाइयों द्वारा शिक्षकों का चयन होगा। 

उक्त 82 हजार 180 के अलावा 45 हजार ऐसे हैं, जो 2017 में हुई टीईटी में उत्तीर्ण हुए थे। अगले माह शुरू होने वाली नियोजन प्रक्रिया में सिर्फ प्रशिक्षित अभ्यर्थी ही आवेदन कर सकेंगे। प्रधान सचिव ने यह भी कहा कि टीईटी की प्रमाणपत्र की वैधता दो साल बढ़ाने को लेकर नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) से भी अनुमति मांगी जाएगी। हालांकि एनसीटीई की अनुमति की सरकार प्रतीक्षा नहीं करेगी और इन अभ्यर्थियों की नियुक्ति करेगी। 

शिक्षकों के 1.38 लाख पद हैं खाली
राज्य में अभी एक लाख 38 हजार शिक्षकों के पद खाली हैं। इनमें एक लाख प्रारंभिक शिक्षकों (कक्षा एक से आठ) और 38 हजार माध्यमिक-उच्च माध्यमिक शिक्षकों (कक्षा नौ से 12) के पद खाली हैं। आरके महाजन ने कहा कि अगले साल से राज्य की सभी पंचायतों में नौंवीं की पढ़ाई शुरू की जानी है। इसको लेकर माध्यमिक शिक्षकों के खाली पद और बढ़ा दिये गये हैं। इन सभी रिक्त पदों में अद्यतन आरक्षण नियमों का पालन किया जाएगा। 

निर्णय का स्वागत
उधर, बिहार राज्य टीईटी-एसटीईट उत्तीर्ण अभ्यर्थी संघ के प्रदेश अध्यक्ष चंदन शर्मा ने राज्य सरकार इस निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का यह निर्णय शिक्षा के उन्मुखीकरण और उत्थान के लिए मील का पत्थर साबित होगा।  
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